छत्तीसगढ़:- स्वतंत्रता प्राप्ति से पहले वर्तमान छत्तीसगढ़ क्षेत्र में कई देशी रियासतें थीं। इनमें रायगढ़, सारंगढ़, जशपुर, सरगुजा, कोरिया, सक्ती, चांगभाखार, कवर्धा, खैरागढ़, नंदगांव, कांकेर, बस्तर, उदयपुर (धरमजयगढ़ क्षेत्र से अलग ऐतिहासिक रियासत) और अन्य रियासतों का महत्वपूर्ण स्थान था।
15 अगस्त 1947 को देश आज़ाद होने के बाद इन रियासतों के सामने भारत या पाकिस्तान में विलय अथवा स्वतंत्र रहने का विकल्प था। तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल और वी. पी. मेनन के प्रयासों से अधिकांश रियासतों ने भारत संघ में विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद ये रियासतें क्रमशः प्रशासनिक रूप से एकीकृत होकर तत्कालीन मध्य प्रदेश का हिस्सा बनीं। 1 नवंबर 2000 को अलग राज्य बनने के बाद ये सभी क्षेत्र छत्तीसगढ़ का हिस्सा हैं।




रोचक तथ्य
सारंगढ़ और रायगढ़ जैसी रियासतें सांस्कृतिक और प्रशासनिक दृष्टि से काफी प्रसिद्ध थीं।

बस्तर रियासत क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत की सबसे बड़ी रियासतों में गिनी जाती थी।
छत्तीसगढ़ की रियासतों ने स्थानीय कला, संस्कृति और जनजातीय परंपराओं को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
