उच्च इलाज के लिए रायगढ़ ले जाई जा रही थी गंभीर बीमार युवती, गाड़ी में ईंधन न होने से रास्ते में तड़पी।
पंप संचालक ने कहा- ‘प्रशासन के लिखित आदेश के बिना नहीं देंगे डीजल’, स्थानीय अस्पताल में कराना पड़ा भर्ती।
एक बार फिर विवादों में पहले भी सुर्खियों में रहा है इब्राहिम पेट्रोल पंप क्षेत्र में ईंधन संकट से हाहाकार।
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की भारी किल्लत अब आम जनता की जान पर बन आई है। आपूर्ति ठप होने से पैदा हुई भयावह स्थिति का सबसे दर्दनाक चेहरा आज उस वक्त सामने आया, जब डीजल न मिलने के कारण एक गंभीर मरीज समय पर उच्च इलाज के लिए बड़े अस्पताल नहीं पहुंच सका। ईंधन के अभाव में मरीज के परिजनों को दर-दर भटकना पड़ा, जिससे उनकी जान खतरे में पड़ गई। इस अव्यवस्था को लेकर आक्रोशित परिजनों ने कलेक्टर से लिखित व मौखिक शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद ‘इब्राहिम पेट्रोल पंप’ एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गया है।
ईंधन के अभाव में रास्ते में तड़पी बीमार युवती मिली जानकारी के अनुसार, एक परिवार अपनी बीमार युवती की हालत बिगड़ने पर उसे बेहतर और उच्च स्तरीय इलाज के लिए रायगढ़ ले जा रहा था। रास्ते में वाहन का ईंधन कम होने पर परिजन डीजल लेने के लिए इब्राहिम पेट्रोल पंप पहुंचे। लेकिन वहां उन्हें डीजल देने से साफ मना कर दिया गया। परिजनों ने पंप संचालक और कर्मचारियों के सामने हाथ-पैर जोड़े, मरीज की गंभीर स्थिति का हवाला दिया, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा।’लिखित आदेश लाओ, तभी मिलेगा डीजल’हैरान करने वाली बात यह रही कि संकट की इस घड़ी में भी मानवता दिखाने के बजाय पंप संचालक ने अड़ियल रुख अपनाया। संचालक का कहना था कि प्रशासन की ओर से सख्त निर्देश हैं और जब तक प्रशासन से लिखित आदेश नहीं लाया जाता, तब तक डीजल की आपूर्ति नहीं की जाएगी। अब सवाल यह उठता है कि इमरजेंसी की स्थिति में तड़पते मरीज को छोड़कर परिजन पहले प्रशासन से लिखित आदेश लेने जाएंगे या मरीज की जान बचाएंगे?
स्थानीय अस्पताल में कराना पड़ा भर्ती, परिजनों में भारी आक्रोश
डीजल नहीं मिलने और वाहन आगे न बढ़ पाने के कारण युवती की हालत और ज्यादा खराब होने लगी। समय रहते रायगढ़ न पहुंच पाने की बेबसी के कारण परिजनों को आनन-फानन में उसे स्थानीय निजी हॉस्पिटल में ही भर्ती कराना पड़ा, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है। इस पूरी घटना से परिजनों में प्रशासन व पंप संचालकों के खिलाफ भारी आक्रोश है परिजन ने कहा हमारी बच्ची की जान दांव पर लगी थी, हम गिड़गिड़ाते रहे लेकिन पेट्रोल पंप वालों ने प्रशासनिक आदेश का बहाना बनाकर डीजल नहीं दिया। अगर हमारी बच्ची को कुछ भी होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पंप संचालक और जिला प्रशासन की होगी
कलेक्टर मैडम से शिकायत, जांच की मांग
घटना के तुरंत बाद आक्रोशित परिजनों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर मैडम से लिखित और मौखिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि संकट के समय में इस तरह की रवैया अपनाने वाले पेट्रोल पंपों के लाइसेंस तुरंत निरस्त किए जाएं और जिले में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
इब्राहिम पेट्रोल पंप फिर विवादों में,
यह कोई पहला मौका नहीं है जब इब्राहिम पेट्रोल पंप अपनी
अव्यवस्थाओं या मनमानी को लेकर सुर्खियों में आया है। इससे पहले भी इस पंप पर अन्य आरोप लगते रहे हैं। वर्तमान में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों में डीजल की आपूर्ति नही है जिससे कृषि कार्य और आम जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है।अब देखना यह होगा कि कलेक्टर इस गंभीर मामले पर इब्राहिम पेट्रोल पंप के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई करती हैं, या जनता यूं ही बुनियादी जरूरतों के लिए तरसती रहेगी।
