हिंदू एकता, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का दिया गया संदेश
सारंगढ़ (हरदी):-
हरदी बीच खोल(बस्ती) में रविवार को हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू समाज में एकता, अखंडता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया कि हिंदू सम्मेलन केवल धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि ये समाज को जोड़ने वाले मंच हैं, जहाँ संस्कृति, परंपरा, एकता, पहचान और सामाजिक दायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाता है।

वक्ताओं ने कहा कि सनातन संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण समय की आवश्यकता है तथा हिंदू समाज को संगठित होकर अपनी पहचान और सुरक्षा के लिए सजग रहना होगा। समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त कर आपसी समरसता बनाए रखना ही सम्मेलन का मूल उद्देश्य है।
ग्रामवासियों को दिलाई गई एकता की संकल्प प्रतिज्ञा
सम्मेलन के अंत में सभी ग्रामवासियों को हिंदू एकता का संकल्प दिलाया गया। ईश्वर को साक्षी मानकर उपस्थित जनसमूह ने यह प्रतिज्ञा ली कि—
. वे सभी हिंदू के रूप में एकजुट रहेंगे,
. जातिवाद, भाषावाद और क्षेत्रवाद जैसे भेदभाव से दूर रहेंगे,
. समाज में उत्पन्न सभी प्रकार के विभेदों को स्वयं से और समाज से दूर रखेंगे।





संकल्प के अंतर्गत यह भी प्रतिज्ञा की गई कि सभी उपस्थित लोग:
- परिवार के साथ मिल-जुलकर एक साथ भोजन करेंगे,
- हिंदू मान-बिंदुओं की रक्षा करेंगे,
- जातिगत भेदभाव से स्वयं और अपने परिवार को दूर रखेंगे,
- यथासंभव स्वदेशी आधारित जीवन-शैली अपनाएंगे,
- अपने एवं अपने परिजनों के जन्मदिन पर एक पेड़ अवश्य लगाएंगे,
- हिंदू समाज को संगठित करने के लिए सक्रिय सहभागिता निभाएंगे।
सामाजिक एकता का संदेश
सम्मेलन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि संगठित और जागरूक समाज ही सशक्त समाज होता है। कार्यक्रम का समापन “हिंदू समाज एक रहे” के उद्घोष के साथ हुआ।
