कलेक्टर ने उद्यानिकी का जिले में विशाल स्कोप तैयार करने अधिकारियों को दिए निर्देश
कलेक्टर डाॅ संजय कन्नौजे ने नेशनल खाद्य तेल पाम ऑयल मिशन का लाभ शत् प्रतिशत किसानों को देना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
सारंगढ़ बिलाईगढ़, 3 नवंबर 2025/कलेक्टर डाॅ संजय कन्नौजे ने कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के साथ कलेक्टोरेट सभाकक्ष में संयुक्त बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले के किनारे महानदी का विशाल तट है साथ ही जल उपलब्धता वाले क्षेत्रों में सब्जी क्षेत्र विस्तार और पुष्प क्षेत्र विस्तार का कार्ययोजना बनाकर रोजगार की संभावना और उद्यानिकी तथा कृषि के क्षेत्र को विशाल रूप में रोजगारमूलक और प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर उद्यानिकी के क्षेत्र में जिले का नाम स्थापित करना है। साथ ही बरमकेला, सारंगढ़, बिलाईगढ़ के हमारे कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां के उपजाउ मिट्टी के लिए दक्षिण भारत जैसे अन्य प्रदेश के वैज्ञानिक, किसान तरसते हैं। केन्द्र सरकार की नेशनल खाद्य तेल पाम ऑयल मिशन का लाभ जिले के सभी किसानों को मिले इस प्रकार की व्यवस्था कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के सभी अधिकारी करें। राज्य सरकार धान के बदले अन्य दहलन तिलहन की फसल लेने पर अनुदान दे रहा है, उसका भी लाभ सभी किसान उठाएं। इससे भूमि की उपजाऊ भी बना रहेगा और अनुदान की राशि भी खेती में सहायक होगा।
दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी या कपास की खेती से प्रति एकड़ 10 हजार रुपए की आदान सहायता
कृषक उन्नति योजना के तहत यदि किसान खरीफ सीजन 2025 में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी या कपास की खेती करते हैं, तो उन्हें प्रति एकड़ 10,000 रुपए की आदान सहायता दी जाएगी। यह राशि किसानों के बैंक खातों में सीधा प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की जाती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 30 जून 2025 को लिए गए मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों के हित में निर्णय लिया गया कि, कृषक उन्नति योजना के प्रचलित निर्देशों को संशोधित करते हुए इसके दायरे को और विस्तृत कर दिया है। अब इस योजना का लाभ खरीफ 2025 में धान उत्पादक किसानों के साथ-साथ पंजीकृत धान फसल के स्थान पर अब दलहन, तिलहन, मक्का आदि की फसल लगाने वाले किसानों को भी मिलेगा।
वर्ष 2024 में पंजीकृत धान के किसानों को अन्य फसल लेने पर मिलेगा 11 हजार रूपए
खरीफ 2024 में पंजीकृत कृषक जिन्होंने धान की फसल लगाई थी और समर्थन मूल्य पर धान बेचा था, उनके द्वारा खरीफ 2025 में धान फसल के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का आदि फसल की खेती की जाती है, तो उन्हें भी अब कृषक उन्नति योजना के तहत आदान सहायता 11 हजार रूपए राशि प्रदान की जाएगी।
नेशनल खाद्य तेल पाम ऑयल मिशन कृषकों के लिए लाभकारी
नेशनल खाद्य तेल पाम ऑयल मिशन कृषकों के लिए लाभकारी योजना हैैै। इस योजना के तहत कृषको को पहले वर्ष प्रति एकड़ 57 पौधे प्रदाय किये जाते हैै। 1 से 4 वर्ष तक प्रति एकड़ रखरखाव हेतु 2100 रू. तथा अंतरवर्ती फसलों हेतु 2100 रू. अनुदान के रूप में विभाग द्वारा प्रदाय किया जाता है। 5 एकड़ में फसल लगाने पर बोरवेल के अनुदान का भी प्रावधान है। ऑयल पाम के पौधे 9.9 मीटर की दूरी पर लगाये जाते है, जिसके बीच में कोई भी फसल लगाया जा सकता है। ऑयल पाम की खेती ड्रिप स्प्रिंकलर सिंचाई में की जाती है। ड्रिप स्प्रिंकलर सिंचाई हेतु भी अनुदान का प्रावधान है। ऑयल पाम लगाने के तीसरे साल के बाद निरंतर और निश्चित लाभ देने वाली फसल है। इसकी खेती से प्रति एकड़ प्रति वर्ष 10 टन तक उत्पादन प्राप्त होता है। उत्पादित फलों के गुच्छो को गोदरेज एग्रोवेट कंपनी लिमिटेड द्वारा खरीदा जाता है, जिसका मूल्य सरकार द्वारा सुनिश्चित किया गया है। विपरीत मौसम में भी यह फसल खराब नही होता है। रोग एवं कीटो का प्रकोप ना के बराबर होता है। इस फसल में चोरी की संभावना भी नहीं है।
बरमकेला क्षेत्र में कई किसान कर रहे पाम ऑयल की खेती
बरमकेला क्षेत्र के ग्राम बनवासपाली के कृषक ईश्वर सिदार और लिमपाली के तेजराम बरिहा के खेत में लगे ऑयल पाम खेती की उपज एवं आमदनी लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं और अन्य किसानों को पाम ऑयल की खेती से प्रेरित कर रहे हैं। ग्राम बनवासपाली के कृषक ईश्वर सिदार उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से 12 एकड़ में पौधे का रोपण किया है। 2.5 एकड़ में उत्पादन कर रहे हैं। फलो की खरीदी गोदरेज कंपनी द्वारा की जाती है। ग्राम लिमपाली निवासी कृषक तेजराम बरिहा ने 6 एकड़ में 3 वर्ष से रोपण किया है जिसमे अंतरवर्ती फसल के रूप मिर्च की खेती की है। मिर्च की खेती से इस कृषक को 6 एकड़ में लाखों रुपए की आमदनी मिल चुकी हैं। जामदलखा गांव में मिर्च और पामऑयल की संयुक्त खेती किसान श्रीमन भोई ने 5 एकड में की है। उसे इस खेती के लिए 32 हजार का लाभ मिल चुका है।
