



सारंगढ़-बिलाईगढ़, 09 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ पुलिस के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ के चौथे चरण के तहत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने का अभियान लगातार जारी है। बुधवार को जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों के अंतर्गत करीब 97 स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें लगभग 8,778 लोगों को साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने गांवों, स्कूलों, कॉलेजों एवं सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर डिजिटल धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, फर्जी निवेश योजनाओं और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के संबंध में लोगों को जानकारी दी।
फर्जी ट्रेडिंग ऐप और टेलीग्राम ग्रुप से रहें सतर्क
पुलिस ने लोगों को शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का लालच देने वाले फर्जी ट्रेडिंग ऐप, वेबसाइट और टेलीग्राम ग्रुप से सावधान रहने की अपील की। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग सोशल मीडिया विज्ञापन, अनजान लिंक और फर्जी निवेश सलाह के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये की ठगी कर रहे हैं।
निवेश करने से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता और नियामकीय मान्यता की जांच करने की सलाह दी गई।
‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर डराने वालों से सावधान
जागरूकता कार्यक्रमों में ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर फ्रॉड को लेकर भी लोगों को सतर्क किया गया। पुलिस ने बताया कि ठग स्वयं को पुलिस, सीबीआई, कस्टम या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और केस, गिरफ्तारी या मनी लॉन्ड्रिंग जैसी बातों का डर दिखाकर पैसे की मांग करते हैं।
ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत कॉल काटने और संबंधित अधिकारियों से वास्तविकता की पुष्टि करने की सलाह दी गई।
AI के जरिए भी ठगी का नया तरीका
पुलिस ने यह भी बताया कि साइबर ठग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी तकनीक का दुरुपयोग कर आवाज की नकल, फर्जी वीडियो कॉल और परिचित व्यक्ति जैसा दिखावा करके लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसलिए केवल आवाज या वीडियो कॉल देखकर किसी व्यक्ति की पहचान पर भरोसा न करने की अपील की गई।
अनजान Wi-Fi और रिमोट ऐप से बचें
सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध अनजान या असुरक्षित Wi-Fi के माध्यम से बैंकिंग एवं अन्य वित्तीय लेन-देन नहीं करने की सलाह दी गई। इसके अलावा किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk, TeamViewer जैसे रिमोट एक्सेस या स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड नहीं करने की हिदायत दी गई।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान लिंक, संदिग्ध QR कोड और लुभावने ऑफर से भी दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई।
साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल
पुलिस ने आमजन से अपील की कि यदि वे साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो समय बर्बाद किए बिना तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और नजदीकी पुलिस थाना में भी सूचना दें।
समय पर शिकायत मिलने से संबंधित बैंक एवं वित्तीय संस्थानों के माध्यम से ठगी की रकम को होल्ड कराने की संभावना बढ़ जाती है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि स्वयं साइबर जागरूक बनें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दें।
