
177 स्थानों पर आयोजित हुए साइबर जागरूकता कार्यक्रम, डिजिटल अरेस्ट से लेकर OTP फ्रॉड और फर्जी APK तक से बचाव की दी गई जानकारी
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 5 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के अवसर पर सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाते हुए जिलेभर में ‘मैं भी साइबर शिक्षक’ महा-अभियान आयोजित किया। अभियान के तहत जिले के करीब 177 स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर लगभग 30,750 शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
यह अभियान छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत आयोजित किया गया। 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चल रहे सात सप्ताह के विशेष अभियान के तीसरे सप्ताह में 29 अगस्त से 5 सितंबर तक नागरिकों को विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट और इससे जुड़े साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
स्कूल-कॉलेज पहुंचकर एसपी ने दिया साइबर सुरक्षा का संदेश
पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शर्मा ने सारंगढ़ स्थित अशोका पब्लिक स्कूल एवं सीपीएम कॉलेज में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होकर विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए।

उन्होंने बताया कि साइबर ठग अक्सर खुद को पुलिस, CBI, ED, कस्टम अथवा अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए लोगों को डराते-धमकाते हैं और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर पैसे की मांग करते हैं।
एसपी श्री शर्मा ने फर्जी ई-मेल, नौकरी के नाम पर ठगी, पैसा दोगुना करने वाली योजनाओं, संदिग्ध लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड तथा मॉर्फ्ड फोटो-वीडियो से होने वाले अपराधों के प्रति भी विद्यार्थियों को सावधान किया।
उन्होंने विशेष रूप से कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों से सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करने और अपने करियर एवं भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।
‘डिजिटल प्राइवेसी ही डिजिटल सुरक्षा की पहली सीढ़ी’
बांधापाली स्थित केपी हायर सेकेंडरी स्कूल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरेंद्र पटेल ने विद्यार्थियों एवं नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि साइबर ठग सोशल मीडिया के जरिए लोगों से संपर्क कर उनकी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक डिटेल और OTP हासिल करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि OTP, ATM PIN, CVV, बैंक संबंधी जानकारी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
एएसपी ने अनजान APK फाइल डाउनलोड अथवा इंस्टॉल नहीं करने की भी सलाह दी। उन्होंने बताया कि संदिग्ध APK फाइल और लिंक के माध्यम से साइबर अपराधी मोबाइल डिवाइस और निजी जानकारी तक पहुंच बनाने का प्रयास कर सकते हैं।
‘डिजिटल अरेस्ट’ कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं
लोचन प्रसाद पाण्डेय महाविद्यालय, सारंगढ़ में SDOP श्री गोविंद दीवान ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए।
उन्होंने कहा कि वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ करना कोई वैधानिक अथवा कानूनी प्रक्रिया नहीं है। कोई भी जांच एजेंसी इस तरह वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस, CBI, ED, कस्टम या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करे और गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसे मांगे, तो घबराएं नहीं, पैसे ट्रांसफर न करें और तत्काल पुलिस से संपर्क करें।
उन्होंने सोशल मीडिया पर निजी एवं संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक नहीं करने की भी अपील की। साथ ही कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए हेलमेट पहनने, ट्रिपल सवारी से बचने, वाहन के जरूरी दस्तावेज रखने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने की समझाइश दी गई।
साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल
सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके साथ ही आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध के मामलों में हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ती है।
सतर्क रहें • सुरक्षित रहें • साइबर अपराध की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस — आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता।


