
सारंगढ़-बिलाईगढ़। भारतीय जनता पार्टी जिला शिक्षा प्रकोष्ठ, सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा भटगांव स्थित देवांगन धर्मशाला में शिक्षा दिवस के अवसर पर गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के अनेक शिक्षक एवं सेवानिवृत्त गुरुजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने शिक्षकों के योगदान को स्मरण करते हुए उनका सम्मान किया।
कार्यक्रम में शामिल होते हुए मैंने अपने उद्बोधन में विशेष रूप से सेवानिवृत्त शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। मैंने कहा कि “आपका युग वास्तव में गुरुजन का युग था। उस समय शिक्षक जो शिक्षा और संस्कार देते थे, विद्यार्थी पूरी निष्ठा और एकाग्रता के साथ उसे ग्रहण करते थे। उस दौर में आज की तरह मोबाइल और डिजिटल माध्यमों का प्रभाव नहीं था, इसलिए विद्यार्थी सीधे अपने गुरु से जुड़कर ज्ञान प्राप्त करते थे।”
मैंने कहा कि आज विज्ञान और तकनीक के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से ज्ञान का विशाल संसार हमारी पहुंच में आ गया है और विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अनेक अवसर प्राप्त हो रहे हैं। लेकिन इसके साथ ही हमें इसके दुष्परिणामों के प्रति भी सजग रहने की आवश्यकता है। मोबाइल का अत्यधिक उपयोग बच्चों की एकाग्रता, अध्ययन की निरंतरता और सामाजिक व्यवहार को प्रभावित कर सकता है।
अपने संबोधन में मैंने कहा कि तकनीक को शिक्षा का साधन बनाना चाहिए, शिक्षा और संस्कार का विकल्प नहीं। आधुनिक ज्ञान के साथ गुरु-शिष्य परंपरा, नैतिक मूल्य और अनुशासन का समन्वय ही बच्चों के सर्वांगीण विकास का आधार बनेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी गुरुजनों के अनुभवों को समाज और नई पीढ़ी के लिए अमूल्य बताते हुए उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम में ये प्रमुख लोग रहे उपस्थित
टेसू लाल धुरंधर — प्रदेश सह संयोजक
जुगल किशोर अग्रवाल — जिला शिक्षा प्रकोष्ठ संयोजक
रेवती लाल चंद्रा
संजय भूषण पांडे — जिला अध्यक्ष, सारंगढ़-बिलाईगढ़
कांति लाल जैन — प्रदेश संयोजक
